Salaar Movie Review: “Salaar से नहीं, बल्कि ‘KGF’ से है कमाल: पहले दिन की कमाई में बवाल, जानिए पूरी खबर!”

Kamaljeet Singh

Salaar Movie Review: आजकल साउथ फिल्में देखने से पहले यह सवाल हमेशा उठता है कि कहानी पूरी तरह से देखने को मिलेगी या फिर हमें और इंतजार करना पड़ेगा? क्या केजीएफ हो, पुष्पा हो, या कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा – इन सवालों का जवाब हमें फिल्म देखने के बाद ही मिलेगा। सलार देखने के बाद, मुझे एक्साइटमेंट और थोड़ा डर था क्योंकि कहानी यहाँ समाप्त नहीं हुई। फिल्म की कहानी पूरी होने के लिए हमें सलार के दूसरे पार्ट का इंतजार करना होगा। फिल्म का पार्ट 2 से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कहानी खत्म होने के बाद भी एक नई कहानी की उम्मीद है। हाल ही में अजय देवगन की भोला और शाहरुख की जवान जैसी फिल्मों में यही देखा गया है।

“Salaar’ देखना हो तो आईमैक्स(iMAX) थिएटर जाएं, क्योंकि यह फिल्म बड़े स्क्रीन के लिए है। इसकी म्यूजिक दिल को छू जाएगी, परंतु छोटे थिएटर में देखने पर सब नहीं मिलेगा। प्रभास और पृथ्वीराज की एक्टिंग दिल जीत लेगी, लेकिन थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। कहानी नई तो नहीं है, पर ट्रीटमेंट में बहुत बातें हैं। केजीएफ फ्रैंचाइजी के फैन हैं तो होमब्ले की ‘सलार’ पसंद आएगी। लेकिन, ‘सलार’ के बाद ‘डंकी’ देखना मन्दिर होगा।

Salaar Movie Review: कहानी

यह कहानी दो दोस्तों की शुरुआत होती है, जो एक दूसरे के लिए सब कुछ करने को तैयार हैं। देवा और रुद्र, बचपन में इनकी मित्रता बहुत गहरी होती है। लेकिन एक दिन देवा को अपने दोस्त से दूर जाना पड़ता है।

कहानी आगे बढ़ती है जब साल 2017 में आद्या (श्रुति हासन) न्यूयॉर्क से भारत वापस आती है, बिना अपने पिता कृष्णकांत की जानकारी के। सात साल पहले, उसके पिता की गलती के कारण उसे खतरा हो गया था, और इसलिए उसकी सुरक्षा के लिए देवा उसके साथ होता है। देवा के सुझाव पर, आद्या को उसके साथ असम के एक छोटे से गांव में रखा जाता है, जहां कुछ नई कहानी की शुरुआत होती है।

अब कहानी बढ़ती है, जहां देवा एक कोयला खदान में काम करता है। उसकी मां, ईश्वरी राव, गांव के बच्चों को पढ़ाई कराती हैं। लेकिन देवा की मां का दिल बेहद डरी हुई रहता है, खासकर जब उसका बेटा शाम 6 बजे तक घर नहीं लौटता है। इसके बाद, उसे बच्चे के हाथ में प्लास्टिक का चाकू देखकर और भी अधिक परेशानी होती है।

आख़िर में, यह सब डर और चिंता का कारण क्या है? यह सवाल फिल्म देखने के दौरान आपके मन में बार-बार उठेगा। कहानी में देवा और रुद्र के बीच की दोस्ती का राज क्या है? इन सवालों के उत्तर के लिए, आपको थिएटर जाकर फिल्म ‘सलार’ देखनी होगी।

Salaar Movie Review: एक्टिंग की बात करे

प्रभास ने इस फिल्म में बहुत अच्छा काम किया है। उनकी एक्टिंग, खासकर एक्शन सीन्स में, बहुत नेचुरल नजर आए हैं। बाहुबली के बाद कुछ फिल्मों में कुछ खास नहीं दिखा, लेकिन सलार में उन्होंने साबित किया कि वे निर्देशक के साथ मिलकर कमाल कर सकते हैं। कहानी की कमी के बावजूद, फिल्म को संभालने में पूरी कोशिश की गई है। पृथ्वीराज भी बहुत शानदार थे। पैन इंडिया ऑडियंस ने उन्हें अब तक हीरो के रूप में देखा था, लेकिन इस फिल्म में उनका किरदार अलग और दिलचस्प था। श्रुति हासन भी कुछ ही समय के लिए फिल्म में दिखाई दी हैं।

Salaar Movie Review: निर्देशन

फिल्म देखकर लेखकों को शब्द बदलने का मन नहीं करता, क्योंकि जो कहानी सुनाई जाती है, वह बहुत ही दिलचस्प होती है. सलार नामक फिल्म का निर्देशक प्रशांत नील हैं, और उनके पिछले काम केजीएफ के बाद से ही हम उनसे बहुत कुछ अच्छा देखने की आशा कर रहे थे. फिल्म में एक्शन के साथ-साथ कहानी और मां का प्यार भी है. कहानी में एक माँ का योगदान है, जोने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया है और चाहती है कि उसका बेटा भी उससे सीख कर आगे बढ़े. उसकी इच्छा है कि जब वह मरे, तो उसका बेटा कम से कम अमीर होकर मरे. केजीएफ कहानी एक ऐसी है जिससे हर कोई जुड़ सकता है. इसमें वह इमोशन है जो सलार में गायब है, लेकिन प्रशांत नील ने पूरी कोशिश की है कि वह प्रभास और पृथ्वीराज के टैलेंट को उचित पहचान दे सकें, जिसके लिए उन्हें सराहना मिलनी चाहिए।

Salaar

फिल्म में सूत्रधारों की बजाय, ज्यादातर समय महिला किरदारों ने अजीब ढंग से बातें कीं हैं, और उनका शारीरिक भाषा कई जगहों पर अजीब लगी। प्रभास और पृथ्वीराज को छोड़कर, बाकी के किरदारों की एक्टिंग ज्यादा मुद्दे पर नजर आती है। फिल्म का पहला हाफ ठीक है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी कहीं खो जाती है और सिर्फ एक्शन ही दिखाई देता है। प्रभास और पृथ्वीराज के साथ बेहतर कहानी हो सकती थी। श्रुति हासन का किरदार देखकर ऐसा लगता है कि भारत में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं या फिर सिर्फ वही लड़कियां सुरक्षित हैं जो ऐसे तरीके से बोल सकती हैं।

Salaar Movie Review: संगीत और अन्य तकनीकी

जब बैकग्राउंड म्यूजिक की बात होती है, तो मुझे साउथ फिल्म इंडस्ट्री का शोरगुल के लिए उत्साह नहीं होता. कहीं-कही सलार की साउंडट्रैक कानों से बहुत ज्यादा गहरा असर छोड़ती है. फिल्म का आखिरी गाना और क्लाइमैक्स बाहुबली जैसा लगता है. वहीं, फिल्म के अंदर कुछ बहुत ही डार्क टोन का माहौल है. अगर फ्लैशबैक में थोड़े रंगों का उपयोग होता तो और भी मजा आता. हालांकि, फिल्म का सारा माहौल ही डार्क है. बैटमैन को डार्क थीम में देखना एक बात है, लेकिन सलार को ऐसे देखना कुछ अजीब है.

Salaar Movie Review: सिनेमेटोग्राफी सीन

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इस फिल्म की सिनेमेटोग्राफी वाकई दिल को छू लेने वाली है. इसमें हॉलीवुड की फिल्मों को भी टक्कर देने की क्षमता है. भुवन गौड़ा ने इसमें कमाल का काम किया है, और उन्होंने पहले भी आरआरआर और बाहुबली जैसी फिल्मों के साथ काम किया है. उन्होंने इस फिल्म के लिए एक खास डिज़ाइन किए गए एरी एलेक्सा कैमरा का उपयोग किया है, जिससे कई शानदार शॉट्स बने हैं. चाहे वह देवा की कोल माइन हो या फिर वरदराज का शहर, हर जगह पर उनका कैमरा वर्क बेहतरीन है।

Salaar Movie Review: कास्टिंग

कास्टिंग ठीक है, पर मुझे लगता है कि प्रभास, पृथ्वीराज और श्रुति हासन को छोड़कर बाकी सभी का मेकअप बहुत ज्यादा धूमधाम सा है।

Salaar Movie Review: क्यों देखें फिल्म?

प्रभास के फैंस, इस फिल्म को देखने का मौका न छोड़ें क्योंकि तीनों फिल्मों के इंतजार के बाद अब हम कह सकते हैं कि डार्लिंग इज बैक। पृथ्वीराज की एक्टिंग से भरपूर है, इसलिए इसे देखना वाले नए चेहरे को भी मौका मिल सकता है। एक्शन फिल्म के शौकीनों के लिए यह एक देखने लायक फिल्म है। हालांकि, होमब्लेंड फिल्म्स जैसे केजीएफ और कांतारा की तरह फिल्में बनाने वालों से हमें एक बेहतरीन कहानी की उम्मीद थी। इस बार, हमें कहानी के साथ एक शानदार बाहुबली और केजीएफ का मेल मिलता है।

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