ISRO XPoSat Launch: “ISRO द्वारा नए साल की शुरुआत में रचा इतिहास- XPoSat का सफल लॉन्च, जलेगा राजों का पर्दा!”

Kamaljeet Singh

ISRO XPoSat Launch: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ने आज, 1 जनवरी 2024, अपने पहले अंतरिक्ष मिशन में एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट (XPoSat) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। सैटेलाइट को सतीश धवन से सुबह 9:10 बजे लॉन्च किया गया। यह मिशन चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 मिशन के बाद भारत का अगला महत्वपूर्ण कदम है जो अंतरिक्ष अनुसंधान में किया गया है।

ISRO XPoSat Launch

ISRO XPoSat Launch: इसरो ने रचा इतिहास

इस मिशन के जरिए, भारत ने अपने बाद अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा देश बन गया है जो आकाशगंगा (ब्लैक होल) और न्यूट्रॉन सितारों का अध्ययन करने के लिए विशेष सैटेलाइट भेजने में सफलता प्राप्त की है। इस महत्वपूर्ण मिशन का आयोजन लगभग पांच साल पहले किया गया था।

ISRO XPoSat Launch: सैटेलाइलट का क्या काम होगा?

इस सैटेलाइट के जरिए हम ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार की अध्ययन करेंगे। जब यह मिशन सफल हो जाएगा, तो भारत दुनिया में ऐसा करने वाला दूसरा देश बन जाएगा, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद होगा।

ISRO XPoSat Launch: ये 10 उपग्रह भी होने हैं स्थापित

रेडिएशन शील्डिंग एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल, यह टेक मी 2 स्पेस कंपनी ने बनाया है। एक उपग्रह है जो महिलाओं के लिए तैयार किया गया है, और इसे एलबीएस महिला तकनीकी संस्थान ने तैयार करवाया है। इसके अलावा, बिलीफसैट नामक एक रेडियो उपग्रह को केजे सोमैया तकनीकी संस्थान ने शौकिया तौर पर बनाया है।

ग्रीन इम्पल्स ट्रांसमीटर नामक उपग्रह को इंस्पेसिटी स्पेस लैब ने बनाया है, और लॉन्चिंग एक्सपीडिशंस फॉर एस्पायरिंग टेक्नोलॉजीस टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर उपग्रह को ध्रुव स्पेस ने बनाया है।

रुद्र 0.3 एचपीजीपी और आर्का 200, दोनों उपग्रह बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस ने विकसित किए हैं। डस्ट एक्सपेरिमेंट जो इसरो के पीआरएल ने बनाया है और फ्यूल सेल पावर सिस्टम और सिलिकॉन आधारित उच्च ऊर्जा सेल, जिन्हें विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ने बनाया है।

ISRO XPoSat Launch: इस मिशन को कहां देखें?

ISRO ने अभियांत्रिकी अनुसंधान और विकास संगठन के माध्यम से एक महत्वपूर्ण मिशन का ऐलान किया है। इस मिशन में, XPoSat नामक एक उपग्रह को PSLV-C58 अंतरिक्ष यान के साथ ले जाने का प्रयास किया जाएगा। इस अंतरिक्ष यान के माध्यम से, XPoSat को कम झुकाव वाली ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, PSLV-C58 ‘PSLV ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल’ भी अंतरिक्ष में ले जाया जाएगा।

यह मिशन इसरो की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। मिशन के तारीख और समय के अनुसार, एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट (XPoSat) का लॉन्च 1 जनवरी 2024 को 09:10 बजे IST पहले लॉन्च-पैड, SDSC-SHAR, श्रीहरिकोटा से होगा।

ISRO XPoSat Launch: कैसे काम करती है सेटालइट

XPoSat सैटेलाइट, जो दुनिया में अब तक का दूसरा ब्लैक होल निगरानी करने वाला सैटेलाइट है, आजकल सुर्खियों में है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्लैक होल्स और न्यूट्रॉन सितारों की अध्ययन करना है, और इसे इसके लिए एक्स-रे फोटॉन और उनके ध्रुवीकरण का उपयोग करेगा।

XPoSat उपग्रह को PSLC C58 अंतरिक्ष यान के माध्यम से अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाएगा, जो PSLV ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल के साथ होगा। यह मिशन दुनिया भर के लोगों की रुचि को बढ़ा रहा है, क्योंकि इससे हम ब्लैक होल्स और न्यूट्रॉन सितारों के बारे में नई जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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